इस पत्थर के भीतर
यह कविता उदय प्रकाश की है और यह मानव जीवन की गहराई और उसके भीतर छिपी दिव्यता को दर्शाती है। कवि कहता है कि जैसे एक पत्थर के भीतर देवता छिपा होता है, वैसे ही हर व्यक्ति के भीतर भी एक दिव्यता होती है। इस कविता में यह विचार प्रस्तुत किया गया है कि हमारे जीवन में जो भी अच्छाई और विशेषता है, वह किसी उच्च शक्ति या दिव्यता के कारण है। यह कविता हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि हम सभी के भीतर एक विशेष गुण या शक्ति छिपी होती है, जिसे पहचानने और समझने की आवश्यकता होती है। यह कविता सरल शब्दों में गहरी बात कहती है और पाठक को आत्मनिरीक्षण के लिए प्रेरित करती है।
| Word | Easy Meaning | Translation | Pron. |
|---|---|---|---|
| पत्थर | चट्टान | एक ठोस चीज़ जो प्राकृतिक रूप से मिलती है | patthar |
| भीतर | अंदर | अंदर का हिस्सा | bheetar |
| देवता | ईश्वर | भगवान | devtaa |
| मंत्र | जाप | धार्मिक शब्द | mantra |
| ज़रूर | अवश्य | बिल्कुल | zaroor |
| जैसे | उदाहरण के लिए | उदाहरण के लिए | jaise |
| हम | हम लोग | हम लोग | hum |
| सब | सभी | सभी लोग | sab |
| हैं | होते हैं | होना | hain |
उदय प्रकाश एक प्रमुख हिंदी कवि और लेखक हैं। उनका साहित्यिक कार्य आधुनिक हिंदी साहित्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता है। उनकी कविताएँ और कहानियाँ सामाजिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर केंद्रित होती हैं।
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